Imam Ahmad : 23681
حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْبَجَلِيُّ السُّلَمِيُّ عَنْ أُمِّهِ قَالَتْ سَأَلْتُ عَائِشَةَ عَنْ الْعُمْرَةِ بَعْدَ الْحَجِّ قَالَتْ أَرْسَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَعِي أَخِي فَخَرَجْتُ مِنْ الْحَرَمِ فَاعْتَمَرْتُ
हमसे [अबू अहमद] बताय के, उ कहिन; हमसे [ईसा बिन अब्दुर रोहमान अल-बजल्ली एएस-सुल्लामी], [उनकी महतारी] से कहिन हैं; हम [ऐस्या] से हज के बाद उमरा के बारे मा पूछेन, उ कहिन; 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक बार मेरे भाई को मेरे साथ भेजा था, तो मैं हराम भूमि से बाहर आया और फिर मैंने उमरा किया'।