Imam Ahmad : 23604
حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا زَائِدَةُ قَالَ حَدَّثَنَا السُّدِّيُّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ الْبَهِيِّ قَالَ حَدَّثَتْنِي عَائِشَةُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ فِي الْمَسْجِدِ فَقَالَ لِلْجَارِيَةِ نَاوِلِينِي الْخُمْرَةَ قَالَتْ أَرَادَ أَنْ يَبْسُطَهَا فَيُصَلِّيَ عَلَيْهَا قَالَتْ إِنَّهَا حَائِضٌ قَالَ إِنَّ حَيْضَهَا لَيْسَ فِي يَدِهَا
हमसे [अबू सईद] बताय के, उ कहिन; हमसे [जैदा] बताइस है, उ कहिन; हमसे [अस-सुद्दी], [अब्दुल्लाह अल-बही] से कहिन है, उ कहिन; ने मोसे [ऐस्या] बतावा है कि जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मस्जिद मा रहे, तौ उ एक नौकरानी से कहिन: 'मोरे लिए एक कपड़ा लाओ'। -ऐस्याह- कहिन; 'उ इका फैलावै अऊर यहि पर प्रार्थना करै चाहत रहा'। त हम कहित है; 'वह मासिक धर्म कर रही है'। उ कहिन: 'वास्तव मा, ओकर मासिक धर्म ओकरे हाथ मा नाहीं है'।