Ayat takhyir: Nabi menawarkan pilihan kepada istri-istrinya antara dunia atau Allah dan Rasul-Nya, dan Aisyah memilih Allah dan Rasul-Nya
Imam Ahmad : 23579
حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ عُمَرَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ لَمَّا أُنْزِلَ الْخِيَارُ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي أُرِيدُ أَنْ أَذْكُرَ لَكِ أَمْرًا لَا تَقْضِينَ فِيهِ شَيْئًا حَتَّى تَسْتَأْمِرِي أَبَوَيْكِ قُلْتُ مَا هُوَ فَقَرَأَ آيَةَ الْخِيَارِ فَقُلْتُ بَلْ أَخْتَارُ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ وَرَسُولَهُ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَفَرِحَ بِذَلِكَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमसे [अबू सैद] बतावा गा है, हमका [अबू अवाना] बतावा गा है, [उमर] से, [उनके पिता] से, [ऐस्याह] से कहा गा है; जब नबी से तलाक लेवे या उनके साथ रहे के लिए अपनी पत्नी के विकल्प के बारे में आयत आई, तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे कहा: 'मैं आपसे एक बात बतावै चाहत हौं अऊर जब तक आप अपने माता-पिता दुइनौ के राय न पूछौ तब तक जरा भी निर्णय न लीन जाय,' हम कहेन; 'वह का है?' ऊ तब खियार के बारे मा श्लोक पढ़िस, हम ओसे कहेन; 'वास्तव मा हम अल्लाह अज्जावाजल्ला अऊर उनके रसूल का चुने हई, तब रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम उ जवाब से बहुत खुश रहे'।