इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 23534

حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّازِقِ قَالَ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ عَنْ طَلْحَةَ بْنِ يَحْيَى عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُصَلِّي وَعَلَيْهِ مِرْطٌ مِنْ هَذِهِ الْمُرَحَّلَاتِ وَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلِّي وَعَلَيْهِ بَعْضُهُ وَعَلَيَّ بَعْضُهُ وَالْمِرْطُ مِنْ أَكْسِيَةٍ سُودٍ

हमसे [अब्दुर्राजाक] बताय के, उ कहिन; हमका [सुफयान], [थल्हाह बिन याह्या] से, [उबैदिल्लाह बिन अब्दिलाह बिन उत्बाह] से, [ऐस्याह] से बताइन है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार यात्रा के बाद एक मस्ती पहिन के नमाज पढ़िन। अऊर एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम भी कुछ पहिन के नमाज पढ़िन अऊर हमहूँ कुछ पहिनिन। अऊर मस्ती का मतलब है बालों वाला कपड़ा।