Fathimah berkata; istri-istrimu mengutusku kepadamu untuk menuntut keadilan kepadamu mengenai Aisyah
Imam Ahmad : 23436
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ هِشَامٍ أَنَّ عَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ أَرْسَلَ أَزْوَاجُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاطِمَةَ بِنْتَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاسْتَأْذَنَتْ وَالنَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَعَ عَائِشَةَ فِي مِرْطِهَا فَأَذِنَ لَهَا فَدَخَلَتْ عَلَيْهِ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أَزْوَاجَكَ أَرْسَلْنَنِي إِلَيْكَ يَسْأَلْنَكَ الْعَدْلَ فِي ابْنَةِ أَبِي قُحَافَةَ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْ بُنَيَّةُ أَلَسْتِ تُحِبِّينَ مَا أُحِبُّ فَقَالَتْ بَلَى فَقَالَ فَأَحِبِّي هَذِهِ لِعَائِشَةَ قَالَتْ فَقَامَتْ فَاطِمَةُ فَخَرَجَتْ فَجَاءَتْ أَزْوَاجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَحَدَّثَتْهُنَّ بِمَا قَالَتْ وَبِمَا قَالَ لَهَا فَقُلْنَ لَهَا مَا أَغْنَيْتِ عَنَّا مِنْ شَيْءٍ فَارْجِعِي إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ فَاطِمَةُ عَلَيْهَا السَّلَام وَاللَّهِ لَا أُكَلِّمُهُ فِيهَا أَبَدًا فَأَرْسَلَ أَزْوَاجُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ زَيْنَبَ بِنْتَ جَحْشٍ فَاسْتَأْذَنَتْ فَأَذِنَ لَهَا فَدَخَلَتْ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرْسَلَنِي إِلَيْكَ أَزْوَاجُكَ يَسْأَلْنَكَ الْعَدْلَ فِي ابْنَةِ أَبِي قُحَافَةَ قَالَتْ عَائِشَةُ ثُمَّ وَقَعَتْ بِي زَيْنَبُ قَالَتْ عَائِشَةُ فَطَفِقْتُ أَنْظُرُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَتَى يَأْذَنُ لِي فِيهَا فَلَمْ أَزَلْ حَتَّى عَرَفْتُ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يَكْرَهُ أَنْ أَنْتَصِرَ قَالَتْ فَوَقَعْتُ بِزَيْنَبَ فَلَمْ أَنْشَبْهَا أَنْ أَفْحَمْتُهَا فَتَبَسَّمَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ قَالَ إِنَّهَا ابْنَةُ أَبِي بَكْرٍ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ صَالِحٍ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ هِشَامٍ أَنَّ عَائِشَةَ قَالَتْ أَرْسَلَ أَزْوَاجُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاطِمَةَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ
हमसे [अबू अल-यमन] बताय के, उ कहिन; हमका [स्यु'एब], [अज़-जुहरी] से सूचित किहिन है, उ कहिन; मोका [मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान बिन अल-हरिट्स बिन हिस्याम] सूचित किहिन हैं, कि [ऐस्याह], पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी कहिन; 'एक दिन, पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नियन ने फातिमा बिन्त नबी शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम -अल्लाह के रसूल- के पास भेजिन। तब -फातिमा- ने अनुमति माँगी जब पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम अपने कंबल मा ऐसिया के साथे रहे। फिर उ इजाजत दिहिन अऊर -फतिमा- ओसे मिले खातिर भीतर गें अऊर कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल! तोहार मेहरारू आयशा के बारे मा तोहसे न्याय माँगै खातिर मोका तोहरे पास भेजिन। तो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हे मेरे बेटे, क्या तुम वही प्यार नहीं करते जो मैं प्यार करत हौं?' उ कहिन; 'बिल्कुल'। त अल्लाह के रसूल कहिन: 'तब आयशा के लिए ई प्यार करा'। -ऐस्याह- कहिन; 'अंत मा फातिमा खड़ी होइके बाहर चली गइन, फिर उ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नियन से मिलीं अऊर ओनसे कहिन कि उ पैगम्बर से का कहिन अऊर उ उनसे का कहिन। उइ कहिन; 'वाकई तुम हमरे लिए बिल्कुल भी काम के नाहीं रहे हो, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास वापस जाओ'। फातिमा ने भी कहा; 'अल्लाह के कसम, मैं हमेशा के लिए ई मामला मा उनसे बात नाहीं करब'। अंत मा पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नियन ने जैनब बिंत जाहसी का भेजिन, उ उनसे इजाजत माँगिन अऊर उ इजाजत दिहिन, फिर उ अंदर आइन अऊर कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल! ऐसियाह के बारे मा आपसे न्याय माँगै के ताईं आपकी मेहरारू मोका भेजिन। आयशा कहिन; 'फिर जैनब मोहिका डाँट दिहिस'। आयशा कहिन; 'फिर हम पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अवलोकन किहेन जब उ हमका जैनब का जवाब देय के अनुमति दिहिन, अऊर हम तब तक चुप रहेन जब तक कि हम समझ नाहीं लिहेन कि पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नफरत नाहीं करत हैं अगर हम जैनब पर जीत -जवाब- देब। आयशा कहिन; 'अंत मा हम जैनब के निंदा किहिन अऊर ओनके ऊपर कोमल हमला किहिन ताकि उ हिल न जाय, तौ पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम बस मुस्कुरा के कहिन: 'वास्तव मा, उ अबू बकर के बेटवा हैं'। हमसे कहिस है [याकूब] हमसे [मेरे पिता] का [सलीह] से कहिस है, कहिन [इब्न शिहाब]; ई मोका [मुहम्मद बिन अब्दिर रोहमन बिन अल-हरिट्स बिन हिस्याम] से बतावा गा है कि [ऐस्याह] कहिन; 'पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नियन ने फातिमा का रसूलल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास भेजिन, फिर उ हदीस के अर्थ बताइन'।