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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 23275

حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ قَيْسِ بْنِ وَهْبٍ عَنْ شَيْخٍ مِنْ بَنِي سُوَاءَةَ قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ قُلْتُ أَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَجْنَبَ فَغَسَلَ رَأْسَهُ بِغُسْلٍ اجْتَزَأَ بِذَلِكَ أَمْ يُفِيضُ الْمَاءَ عَلَى رَأْسِهِ قَالَتْ بَلْ كَانَ يُفِيضُ عَلَى رَأْسِهِ الْمَاءَ

हमसे कहिस है [हुसैन] हमसे कहिस है [शारीक] से [कैस बिन वहाब] से [शेख से बनी सुवा`ह] कहिन; हम [आयशा] से पूछेन; हम कहेन; 'का अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जुनब बन गए जब उ आपन माथा का हिस्सा मा नहलाए या अपने माथा पर पानी डारिन?' उ जवाब दिहिस; 'उनके माथा पै पानी डारिन'।