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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 23048

حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ قَالَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ شَقِيقٍ عَنْ مَسْرُوقٍ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ دَخَلَتْ عَلَيْهَا يَهُودِيَّةٌ اسْتَوْهَبَتْهَا طِيبًا فَوَهَبَتْ لَهَا عَائِشَةُ فَقَالَتْ أَجَارَكِ اللَّهُ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ قَالَتْ فَوَقَعَ فِي نَفْسِي مِنْ ذَلِكَ حَتَّى جَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لَهُ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ لِلْقَبْرِ عَذَابًا قَالَ نَعَمْ إِنَّهُمْ لَيُعَذَّبُونَ فِي قُبُورِهِمْ عَذَابًا تَسْمَعُهُ الْبَهَائِمُ

हमसे [अबू मुआवियाह] बताय के, उ कहिन; हमका [अल-अमासी] से [स्याकिक] से [मसरूक] से [ऐस्याह] से कहा गा है; 'एक यहूदी औरत रही जे ऐसिया से मिली अऊर कहिस कि ओका इत्र दीन जाय, तौ ऐस्या ओका दिहिस'। तब -यहूदी औरत- कहिन; 'अल्लाह तोहका कब्र के यातना से बचावै'। ऊ -ऐस्याह- कहिन; 'ई बात अबहियों मोका तब तक परेशान करत रही जब तक कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नाहीं आइन, फिर हम ओनका ई बारे मा बतायेन। हम कहेन; 'हे अल्लाह के रसूल, का कब्र मा यातना होत है? ' उ जवाब दिहिन: 'हाँ, ओनका ओनके कब्रन मा यातना दीन जाई, अइसन यातना जेका जानवर सुन सकत हैं।'