Amalan Rasulullah Shallallahu'alaihiwasallam dilakukan secara terus-menerus
Imam Ahmad : 23033
حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ كَيْفَ كَانَتْ صَلَاةُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ وَأَيُّكُمْ يَسْتَطِيعُ مَا كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَسْتَطِيعُ كَانَ عَمَلُهُ دِيمَةً
हमसे [जरीर] से [मंसूर] से [इब्राहिम] से [अलकमह] से कहा गया है; 'मैंने [ऐस्या] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दुआओं के गुणवत्ता के बारे में पूछा'। -ऐसियाह- तुरंत जवाब दिहिस; 'तुम में से कौन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम द्वारा किए गए कर्मों को अंजाम देने में सक्षम है?, उसके कर्म हमेशा निरंतर -निरंतर-'।