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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 22737

حَدَّثَنَا عَبْدُ الْجَبَّارِ بْنُ مُحَمَّدٍ الْخَطَّابِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ أَنَّ بُكَيْرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَهُ عَنِ الْحَسَنِ بْنِ عَلِيِّ بْنِ أَبِي رَافِعٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ أَبِي رَافِعٍ قَالَ بَعَثَتْنِي قُرَيْشٌ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَلَمَّا رَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَعَ فِي قَلْبِي الْإِسْلَامُ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ لَا أَرْجِعُ إِلَيْهِمْ قَالَ إِنِّي لَا أَخِيسُ بِالْعَهْدِ وَلَا أَخِيسُ الْبِرَّ وَارْجِعْ إِلَيْهِمْ فَإِنْ كَانَ فِي قَلْبِكَ الَّذِي فِيهِ الْآنَ فَارْجِعْ قَالَ بُكَيْرٌ وَأَخْبَرَنِي الْحَسَنُ أَنَّ أَبَا رَافِعٍ كَانَ قِبْطِيًّا

हमसे कहिन है ['अब्दुल जब्बार बिन मुहम्मद अल खठाबी] हमसे ['अब्दुल्ला बिन वहाब] [अमरू बिन अल हरिथ] से कहिन हैं कि [बुकैर बिन 'अब्दुल्ला] ने [अल हसन बिन 'अली बिन अबू रफी' से [अपने पिता] से अपने दादा से, अबू रफीशरे ने मुझसे कहा: सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम। जब हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का देखेन, इस्लाम हमार दिल मा छेद दिहिस, हम कहेन: हे अल्लाह के रसूल, हम ओनके पास नाहीं लौटब। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'सचमुच मैं वादा नहीं तोड़ता, अच्छी बातों से इनकार नहीं करत, ओनके पास वापस जाओ, अगर अब आपके दिल में कुछ है तो वापस आओ'। बुकैर ने कहा अऊर हसन से मुझसे कहा कि अबू रफी' एक किबती व्यक्ति रहा।