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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 22684

حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ عَنْ ابْنِ خُثَيْمٍ عَنْ أَبِي الطُّفَيْلِ وَذَكَرَ بِنَاءَ الْكَعْبَةِ فِي الْجَاهِلِيَّةِ قَالَ فَهَدَمَتْهَا قُرَيْشٌ وَجَعَلُوا يَبْنُونَهَا بِحِجَارَةِ الْوَادِي تَحْمِلُهَا قُرَيْشٌ عَلَى رِقَابِهَا فَرَفَعُوهَا فِي السَّمَاءِ عِشْرِينَ ذِرَاعًا فَبَيْنَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَحْمِلُ حِجَارَةً مِنْ أَجْيَادٍ وَعَلَيْهِ نَمِرَةٌ فَضَاقَتْ عَلَيْهِ النَّمِرَةُ فَذَهَبَ يَضَعُ النَّمِرَةَ عَلَى عَاتِقِهِ فَيُرَى عَوْرَتُهُ مِنْ صِغَرِ النَّمِرَةِ فَنُودِيَ يَا مُحَمَّدُ خَمِّرْ عَوْرَتَكَ فَلَمْ يُرَى عُرْيَانًا بَعْدَ ذَلِكَ

हमसे कहिन है ['अब्दुर रज्जाक] हमसे [ममर] [इब्नू खुतसैम] से [अबू अथ थुफैल] से कहिन हैं, उ जाहिलिया काल के दौरान काबा के निर्माण के कहानी का जिक्र किहिन हैं। कुरैश ने ओका तोड़ दिहिन अऊर उइ ओका घाटी के पत्थरन से बनाइन जेका कुरैश अपने कंधन पर उठाइन, उइ ओका बीस दज़िरा तक बढ़ा दिहिन। जब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम घाटी के पत्थर लइ आए तौ उ लंबा कपड़ा पहिनत रहें अऊर उनके कपड़ा तब तक संकुचित होइ जात रहें जब तक कि उ उनके पीठ तक नाहीं चले जात रहें ताकि कपड़ा के छोट आकार के कारण उनकर गुप्त अंग दिखाई देत रहें, तौ उ चिल्लाए: हे मुहम्मद आपन गुप्त अंगन का ढँक ले। यहिके बाद उ फिर से नंगा नाहीं देखा गा।