Imam Ahmad : 22496
حَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيسَى عَنْ مُوسَى بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي حُمَيْدٍ أَوْ حُمَيْدَةَ الشَّكُّ مِنْ زُهَيْرٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا خَطَبَ أَحَدُكُمْ امْرَأَةً فَلَا جُنَاحَ عَلَيْهِ أَنْ يَنْظُرَ إِلَيْهَا إِذَا كَانَ إِنَّمَا يَنْظُرُ إِلَيْهَا لِخِطْبَتِهِ وَإِنْ كَانَتْ لَا تَعْلَمُ
हमनी के बतवले बाड़े [हसन बिन मूसा] हमनी के [जुहैर] से [अब्दुल्लाह बिन ईसा] से [मूसा बिन अब्दुल्लाह] से [अबू हुमैद या हुमैदा] से बतवले बाड़े, शक जुहैर के संगे बा, उ कहले; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि अगर रउरा में से केहू कवनो औरत के प्रपोज करेला त ओकरा ओह औरत के देखला में कवनो बुराई नइखे, बस इहे बा कि ऊ ओकरा के खाली ओकरा के प्रपोज करे खातिर देखत बा भलही ओह औरत के ई बात ना मालूम होखे.