Imam Ahmad : 22478
حَدَّثَنَا يَزِيدُ أَخْبَرَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ أَرْطَاةَ عَنْ مَكْحُولٍ وحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ عَنْ حَجَّاجٍ عَنْ مَكْحُولٍ قَالَ قَالَ أَبُو أَيُّوبَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَرْبَعٌ مِنْ سُنَنِ الْمُرْسَلِينَ التَّعَطُّرُ وَالنِّكَاحُ وَالسِّوَاكُ وَالْحَيَاءُ
हमका बताइस है [यजीद] हमका [हज्जाज बिन अर्थ] का [मखुल] से बताइस है अऊर हमका [मखुल] से [मुहम्मद बिन यजीद] का [हज्जाज] से कहिस है; [अबू अय्यूब] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'चार चीजें जवन प्रेरितन के सुन्नत बनावत हैं, इत्र पहनब, शादी, सिवाक अऊर शर्म है'।