Larangan memakan hewan kurban yang disembelih karena hampir mati di jalan
Imam Ahmad : 22114
حَدَّثَنَا أَبُو النَّضْرِ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ يَعْنِي شَيْبَانَ عَنْ لَيْثٍ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ قَالَ قَالَ حَدَّثَنِي الْأَنْصَارِيُّ صَاحِبُ بُدْنِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمَّا بَعَثَهُ قَالَ رَجَعْتُ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا تَأْمُرُنِي بِمَا عَطِبَ مِنْهَا قَالَ انْحَرْهَا ثُمَّ اصْبُغْ نَعْلَهَا فِي دَمِهَا ثُمَّ ضَعْهَا عَلَى صَفْحَتِهَا أَوْ عَلَى جَنْبِهَا وَلَا تَأْكُلْ مِنْهَا أَنْتَ وَلَا أَحَدٌ مِنْ أَهْلِ رِفْقَتِكَ
हमसे कहिन है [अबू अन नधर] हमसे [अबू मुआवियाह स्याबान] से [लैट्स] से [स्याहर बिन हौस्याब] कहिन हैं; [एक अंसार], रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि व सलाम के ऊँट के देखभाल करै वाले, मोका बताइन कि जब रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि व सलाम ओनका भेजिन, तौ उ कहिन; मैं वापस आवा, मैं कहिन; हे अल्लाह के रसूल! अगर ऊँट मर जाय तौ का हुकुम दिहे रहेव? पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम ने कहा: 'इका वध करौ, ओकर जूता ओकरे खून मा डुबोओ अऊर फिर ओकरे पेट पर रखौ, जे अपने साथ हैं ओनके साथे न खाओ'।