Ziarah kubur untuk mengingat akhirat
Imam Ahmad : 21937
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ أَنَّهُ حَدَّثَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ الْأَسْلَمِيِّ عَنْ أَبِيهِ بُرَيْدَةَ بْنِ حُصَيْبٍ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ كُنْتُ نَهَيْتُكُمْ عَنْ ثَلَاثٍ عَنْ زِيَارَةِ الْقُبُورِ فَزُورُوهَا فَإِنَّ فِي زِيَارَتِهَا عِظَةً وَعِبْرَةً وَنَهَيْتُكُمْ عَنْ لُحُومِ الْأَضَاحِيِّ فَوْقَ ثَلَاثٍ فَكُلُوا وَادَّخِرُوا وَنَهَيْتُكُمْ عَنْ النَّبِيذِ فِي هَذِهِ الْأَسْقِيَةِ فَاشْرَبُوا وَلَا تَشْرَبُوا حَرَامًا
हमसे कहिन है [याकूब बिन इब्राहिम] हमसे [मेरे पिता] से [मुहम्मद बिन इशाक] से [सलामा बिन कुहैल] से कहिन है कि उ ['अब्दुल्लाह बिन बुरैदा] से अपने पिता, [बुरैदा बिन हुशैब] से, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन कि उ कहिन: 'इन्नाबिद हम तोहरे लिए तीन चीजन का बीत चुका हई; कब्र तीर्थयात्रा, -अब- तीर्थयात्रा करा काहे से कि कब्र तीर्थयात्रा मा सलाह अऊर पाठ होत हैं, पहिले हम तोहका तीन दिन बाद बलि के मांस खाए से मना किहे रहेन, -अब- खाओ अऊर जइसे चाहौ रखौ, पहिले हम तोहका इन बर्तन से पीये से मना किहे रहेन, -अब- पीओ अऊर कुछौ न पीओ जवन हरम न होय।