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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 21275

حَدَّثَنَا الْهَاشِمُ بْنُ الْقَاسِمِ حَدَّثَنَا الْفَرَجُ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ يَزِيدَ عَنْ الْقَاسِمِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي أُمَامَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ اللَّهَ بَعَثَنِي رَحْمَةً لِلْعَالَمِينَ وَهُدًى لِلْعَالَمِينَ وَأَمَرَنِي رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ بِمَحْقِ الْمَعَازِفِ وَالْمَزَامِيرِ وَالْأَوْثَانِ وَالصُّلُبِ وَأَمْرِ الْجَاهِلِيَّةِ وَحَلَفَ رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ بِعِزَّتِهِ لَا يَشْرَبُ عَبْدٌ مِنْ عَبِيدِي جَرْعَةً مِنْ خَمْرٍ إِلَّا سَقَيْتُهُ مِنْ الصَّدِيدِ مِثْلَهَا يَوْمَ الْقِيَامَةِ مَغْفُورًا لَهُ أَوْ مُعَذَّبًا وَلَا يَسْقِيهَا صَبِيًّا صَغِيرًا ضَعِيفًا مُسْلِمًا إِلَّا سَقَيْتُهُ مِنْ الصَّدِيدِ مِثْلَهَا يَوْمَ الْقِيَامَةِ مَغْفُورًا لَهُ أَوْ مُعَذَّبًا وَلَا يَتْرُكُهَا مِنْ مَخَافَتِي إِلَّا سَقَيْتُهُ مِنْ حِيَاضِ الْقُدُسِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَلَا يَحِلُّ بَيْعُهُنَّ وَلَا شِرَاؤُهُنَّ وَلَا تَعْلِيمُهُنَّ وَلَا تِجَارَةٌ فِيهِنَّ وَثَمَنُهُنَّ حَرَامٌ يَعْنِي الضَّارِبَاتِ

हमसे कहिन है [अल हसीम बिन अल कासिम] हमसे कहिन है [अल फराज] हमसे कहिन है ['अली बिन यजीद] से [अल कासिम अबू 'अब्दुर रहमान] से [अबू उमामा] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा; 'वास्तव मा, अल्लाह अज्जावाजल्ला ने मोका सब दुनिया के लिए दया अऊर मार्गदर्शन के रूप मा भेजा, उ मोका बांसुरी, वीणा, ढोल अऊर मूर्तियन का खतम करै का आदेश दिहिन जवन अज्ञानता के दौर मा पूजा कीन जात रहीं। मोर रब्ब अज्जावाजल्ला ओकर महिमा के कसम खात है, मोर एकौ सेवक खोमेर का एक घूंट नाहीं पियत है लेकिन मैं ओका जहांनाम के नरक के उबलत पानी से बदल देब, ओका सताया जाई या माफ कीन जाई, मैं एक बच्चा का तब तक नाहीं देब जब तक कि मैं ओका जहांनाम के नरक के उबलत पानी से नाहीं बदलब, ओका यातना दीन जाई या ओका माफ कीन जाई, ओका खमीर से माफ नाहीं कीन जाई। मुला मइँ ओका सरग स पियब।” ई खरीदब अऊर बेचब, ईका संप्रेषित करब या ईका व्यापार करब हलाल नाहीं है, बिक्री से आय हराम है'। अर्थात् महिला गायिका।