Beliau bersabda: aku masuk surga, dengar suara gemerincing, kutanya: apa ini?, mereka menjawab; Ghumaisha` binti milhan, Ibu anas bin malik
Imam Ahmad : 21203
حَدَّثَنَا الْهُذَيْلُ بْنُ مَيْمُونٍ الْكُوفِيُّ الْجُعْفِيُّ كَانَ يَجْلِسُ فِي مَسْجِدِ الْمَدِينَةِ يَعْنِي مَدِينَةَ أَبِي جَعْفَرٍ قَالَ عَبْد اللَّهِ هَذَا شَيْخٌ قَدِيمٌ كُوفِيٌّ عَنْ مُطَّرِحِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ زَحْرٍ عَنْ عَلِيِّ بْنِ يَزِيدَ عَنِ الْقَاسِمِ عَنْ أَبِي أُمَامَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَخَلْتُ الْجَنَّةَ فَسَمِعْتُ فِيهَا خَشْفَةً بَيْنَ يَدَيَّ فَقُلْتُ مَا هَذَا قَالَ بِلَالٌ قَالَ فَمَضَيْتُ فَإِذَا أَكْثَرُ أَهْلِ الْجَنَّةِ فُقَرَاءُ الْمُهَاجِرِينَ وَذَرَارِيُّ الْمُسْلِمِينَ وَلَمْ أَرَ أَحَدًا أَقَلَّ مِنْ الْأَغْنِيَاءِ وَالنِّسَاءِ قِيلَ لِي أَمَّا الْأَغْنِيَاءُ فَهُمْ هَاهُنَا بِالْبَابِ يُحَاسَبُونَ وَيُمَحَّصُونَ وَأَمَّا النِّسَاءُ فَأَلْهَاهُنَّ الْأَحْمَرَانِ الذَّهَبُ وَالْحَرِيرُ قَالَ ثُمَّ خَرَجْنَا مِنْ أَحَدِ أَبْوَابِ الْجَنَّةِ الثَّمَانِيَةِ فَلَمَّا كُنْتُ عِنْدَ الْبَابِ أُتِيتُ بِكِفَّةٍ فَوُضِعْتُ فِيهَا وَوُضِعَتْ أُمَّتِي فِي كِفَّةٍ فَرَجَحْتُ بِهَا ثُمَّ أُتِيَ بِأَبِي بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَوُضِعَ فِي كِفَّةٍ وَجِيءَ بِجَمِيعِ أُمَّتِي فِي كِفَّةٍ فَوُضِعُوا فَرَجَحَ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَجِيءَ بِعُمَرَ فَوُضِعَ فِي كِفَّةٍ وَجِيءَ بِجَمِيعِ أُمَّتِي فَوُضِعُوا فَرَجَحَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَعُرِضَتْ أُمَّتِي رَجُلًا رَجُلًا فَجَعَلُوا يَمُرُّونَ فَاسْتَبْطَأْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ ثُمَّ جَاءَ بَعْدَ الْإِيَاسِ فَقُلْتُ عَبْدُ الرُّحْمَنِ فَقَالَ بِأَبِي وَأُمِّي يَا رَسُولَ اللَّهِ وَالَّذِي بَعَثَكَ بِالْحَقِّ مَا خَلَصْتُ إِلَيْكَ حَتَّى ظَنَنْتُ أَنِّي لَا أَنْظُرُ إِلَيْكَ أَبَدًا إِلَّا بَعْدَ الْمُشِيبَاتِ قَالَ وَمَا ذَاكَ قَالَ مِنْ كَثْرَةِ مَالِي أُحَاسَبُ وَأُمَحَّصُ
हमसे [अल हुडजैल बिन मैमून अल कुफी अल जुफी] बताइन है कि उ शहर के मस्जिद मा बैठा रहा, अबू जाफर के शहर। -अब्दुल्ला कहिन; ई कुफा से पुरान गुरु है- [मुथोरिह बिन यजीद] से ['उबैदिल्लाह बिन जहर] से ['अली बिन यजीद] से [अल कासिम] से [अबू उमामा] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा; 'मैं स्वर्ग मा प्रवेश किहिन फिर मैं अपने सामने केहू के चलत आवाज सुनेन, मैं पूछिन; ऊ कौन है? उ जवाब दिहिन; ऊ बिलाल है। फिर हम चलेन अऊर पता चला कि स्वर्ग के जादातर निवासी गरीब मुहाजिरीन लोग अऊर मुसलमानन के बच्चा रहे, हम अमीर अऊर औरतन जइसन कम से कम समूहन का नाहीं देखेन। ई मोसे कहा गा रहा; अमीर लोग ई दरवाजा पर रहे, ओनसे पूछताछ अऊर जांच कीन जात रही, औरतन के दुई लाल वस्तुओं से उपेक्षित कीन जात रहा; सोना अऊर रेशम। फिर हम स्वर्ग के आठ द्वार में से एक से बाहर आए, जब हम द्वार पर थे तो मैं तराजू के एक किनारे पर गया फिर मुझे वहाँ रखा गया और मेरी उम्मत तराजू के दूसरी तरफ रखी गई और मैं भारी हो गया, फिर अबू बकर रदलियाल्लाहुअनहू को लाया गया और तराजू के एक किनारे पर रखा गया और मेरी अंतिम उम्मत को तराजू के दूसरी तरफ रखा गया और दूसरी तरफ रखा गया अबू बकर रदलियाल्लाहुअन्हु भारी रहा, वहिके बाद उमर का लाय के तराजू के एक किनारे पर रखा गा अऊर मोर सब उम्मत का लइके दूसर तराजू के किनारे पर रखा गा अऊर उमर रदलियाल्लाहुअनहू का वजन ज्यादा रहा। तब मेरे लोग को दिखाया गया, एक-एक करके, वे पास से गुजर गए तब मैंने धीमा किया, 'अब्दुर रहमान बिन औफ तब निराशा के बाद आए तब बोले; अपने बाप मा से ज्यादा तोहार इज्जत करत हई हे अल्लाह के रसूल! जे तोहका सच्चाई के साथ भेजिस है, मैं तोहसे मिले से तब तक नाहीं बच पावा जब तक कि हम नाहीं सोचा कि हम तोहसे फिर कबो नाहीं देखब सिवाय मोर बाल धूसर होए के बाद। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा; 'काहे?' उ जवाब दिहिस; मोर धन बहुत होय के कारन, मोर गिनती अऊर जांच कीन गै।