Larangan membangunkan seseorang dari tempat duduknya lalu menempatinya, dan anjuran melapangkan tempat bagi yang datang
Imam Ahmad : 19583
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ وَحَجَّاجٌ قَالَ سَمِعْتُ شُعْبَةَ قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ رَبِّهِ بْنَ سَعِيدٍ وَقَالَ بَهْزٌ عَبْدَ رَبِّهِ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ مَوْلَى أَبِي مُوسَى عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي الْحَسَنِ قَالَ دَخَلَ عَلَيْنَا أَبُو بَكْرَةَ فِي شَهَادَةٍ فَقَامَ لَهُ رَجُلٌ مِنْ مَجْلِسِهِ فَقَالَ أَبُو بَكْرَةَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يُقِمْ الرَّجُلَ الرَّجُلَ مِنْ مَجْلِسِهِ ثُمَّ يَقْعُدُ فِيهِ أَوْ قَالَ إِذَا أَقَامَ الرَّجُلُ الرَّجُلَ مِنْ مَجْلِسِهِ فَلَا يَجْلِسْ فِيهِ وَلَا يَمْسَحْ الرَّجُلُ يَدَهُ بِثَوْبِ مَنْ لَا يَمْلِكُ
हमसे [मुहम्मद बिन जाफर] बताइस है, हमसे [स्यूबाह] बताइस है - अऊर [हज्जाज] कहिन; हम [शुबाह] - कहत सुने रहेन; हम [अब्दुर्रबिह बिन सैद] का सुनेन, -अऊर [बहज] ने [अब्दुर्रबिह] से कहा, अर्थात् [अबू अब्दुल्लाह] अबू मूसा के पूर्व दास से बतावत, [सैद बिन अबुल हसन] से उ कहिन; अबू बकराह एक बार हमसे अदालत मा मिले रहे अऊर केहू दरबार से खड़ा होइगा, तौ [अबू बकराह] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'कोऊ दूसरे से खड़ा होवे का न कहे, अऊर फिर ओकर आसन ले ले,' या उनकर वचन: 'अगर कोई अपने दोस्त का आपन आसन से खड़ा होवे का कहे, तौ उ अपने दोस्त के आसन पर कब्जा न करै, अऊर केहू आपन हाथ ओनके कपड़ा से न पोंछै, जवन ओनके नाहीं है।