इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 19535

قَالَ وَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعَوَاتُ الْمَكْرُوبِ اللَّهُمَّ رَحْمَتَكَ أَرْجُو فَلَا تَكِلْنِي إِلَى نَفْسِي طَرْفَةَ عَيْنٍ أَصْلِحْ لِي شَأْنِي كُلَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ

अबहियों [अबू बकरा] से पिछली हदीस के रूप मा उहै संचरण मार्ग से गुजरत अहै; कथावाचक कहत है; अऊर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब कठिन होत है तो प्रार्थना होत है, 'अल्लाहुम्मा रहमतका अरजू फला तकिलनी इला नफसीई थरफाता 'ऐनी, अशलीहली स्या`नी कुल्लाहु, ला इलाहा इला अंता - हे अल्लाह, केवल आप दया करौ मोका -तुम्हारी कृपा के बिना- आँखी के एक पल के लिए भी। कृपया मोर सब कामकाज ठीक करा। तुम्हारे सिवाय पूजा के लायक कोई भगवान नहीं है-'।