Imam Ahmad : 18953
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ عَنِ التَّيْمِيِّ وَيَزِيدُ قَالَ أَخْبَرَنَا التَّيْمِيُّ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ عَنْ أَبِي بَرْزَةَ قَالَ يَزِيدُ الْأَسْلَمِيِّ قَالَ كَانَتْ رَاحِلَةٌ أَوْ نَاقَةٌ أَوْ بَعِيرٌ عَلَيْهَا مَتَاعٌ لِقَوْمٍ فَأَخَذُوا بَيْنَ جَبَلَيْنِ وَعَلَيْهَا جَارِيَةٌ فَتَضَايَقَ بِهِمْ الطَّرِيقُ فَأَبْصَرَتْ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَجَعَلَتْ تَقُولُ حَلْ حَلْ اللَّهُمَّ الْعَنْهَا أَوْ الْعَنْهُ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَصْحَبْنِي نَاقَةٌ أَوْ رَاحِلَةٌ أَوْ بَعِيرٌ عَلَيْهَا أَوْ عَلَيْهِ لَعْنَةٌ مِنْ اللَّهِ تَبَارَكَ وَتَعَالَى
हमका [याह्या बिन सैद] [अत तैमी] से बताइस है अऊर [यजीद] कहिन; हमका [अत तैमी] से [अबू उस्मान] से [अबू बरजाह] से ई कहे के सूचना मिली है; यजीद अल असलामी ने कहा; 'एक सवारी जानवर या ऊँट रहा, जेहिमा एक लोगन के माल लदा रहा, जब तक कि उ लोग दुइ पहाड़ियन के बीच चलत रहे। संयोग से ऊँट पै एक गुलाम भी सवार रही। जाहिर तौर पर सड़क संकरी होइ गै अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने गुलाम का देखिन - जे अपने ऊँट के बारे मा शिकायत करत रहा - अऊर कहिन; 'हुज-हुज हे अल्लाह ऊँट को सराप दे या सराप दे'। त उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'तुम - साथ - ऊँट या वाहन पर मत जाओ जेकरे ऊपर अल्लाह तबराक वा तआला से अभिशाप है'।