Kewajiban Mengikuti Imam dan Larangan Mengubah Bacaan
Imam Ahmad : 18683
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ يُونُسَ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ حِطَّانَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الرَّقَاشِيِّ أَنَّ أَبَا مُوسَى الْأَشْعَرِيَّ صَلَّى بِأَصْحَابِهِ صَلَاةً فَذَكَرَ الْحَدِيثَ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَطَبَنَا فَبَيَّنَ لَنَا سُنَّتَنَا وَعَلَّمَنَا صَلَاتَنَا فَقَالَ إِذَا صَلَّيْتُمْ فَأَقِيمُوا صُفُوفَكُمْ ثُمَّ لِيَؤُمَّكُمْ أَحَدُكُمْ فَذَكَرَ الْحَدِيثَ
हमसे कहिन है [अब्दुर्राजाक] हमसे [मा'मर] से [कतादाह] से [यूनुस बिन जुबैर] से [हिथ्थान बिन अब्दुल्ला अर रकासी] से कहिन है कि [अबू मूसा अल असीअरी] अपने साथियन के साथे प्रार्थना किहिन। उ हदीस का भी जिक्र किहिन। तब उ कहिन; दरअसल, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरे सामने उपदेश दिहिन अऊर उ हमका सुन्नत का समझाइन जवने का हमका पालन करै का रहा अऊर उ हमका नमाज पढ़ै का भी सिखाइन। फिर उ कहिन: 'जब तुम नमाज पढ़ौ, तौ आपन पंक्तियन का बंद अऊर सीधा करा, अऊर तुममें से एक का इमाम बनावा जाय'। उ हदीस का भी जिक्र किहिन।