Berbuka saat matahari terbenam
Imam Ahmad : 18583
حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ أَخْبَرَنَا الشَّيْبَانِيُّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أَوْفَى قَالَ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فِي شَهْرِ رَمَضَانَ فَلَمَّا غَابَتْ الشَّمْسُ قَالَ انْزِلْ يَا فُلَانُ فَاجْدَحْ لَنَا قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ عَلَيْكَ نَهَارٌ قَالَ انْزِلْ فَاجْدَحْ قَالَ فَفَعَلَ فَنَاوَلَهُ فَشَرِبَ فَلَمَّا شَرِبَ أَوْمَأَ بِيَدِهِ إِلَى الْمَغْرِبِ فَقَالَ إِذَا غَرَبَتْ الشَّمْسُ هَاهُنَا جَاءَ اللَّيْلُ مِنْ هَاهُنَا فَقَدْ أَفْطَرَ الصَّائِمُ
हमसे कहिन है [हुसैम] हमसे [अश स्याबानी] से [अब्दुल्लाह बिन अबू औफा] कहिन हैं; हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे रमदलान के महीना मा एक यात्रा पर रहेन। जब सूरज डूब गवा तौ ऊ कहिस: 'हे फुलान, हमरे लिए एक पेय तैयार करा'। उन्होंने कहा, 'हे अल्लाह के रसूल, दिन अभी भी उजाला है'। ऊ कहिस: 'हमका एक पेय तैयार करा'। यहिसे उ ओका तैयार किहिन अऊर उ ओका पी लिहिन। यहिके बाद पच्छिम के ओर हाथ से इशारा करत कहिन- 'अगर ई तरफ सूरज डूब गा है तौ हिंया से रात होइगै है अउर व्रत करै वाले आपन व्रत तोड़ दिहिन हैं'।