इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 18535

حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ وَابْنُ بَكْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ قَالَ أَخْبَرَنِي حَسَنُ بْنُ مُسْلِمٍ عَنْ طَاوُسٍ قَالَ قَدِمَ زَيْدُ بْنُ أَرْقَمَ فَكَانَ ابْنُ عَبَّاسٍ يَسْتَذْكِرُهُ كَيْفَ أَخْبَرْتَنِي عَنْ لَحْمٍ قَالَ ابْنُ بَكْرٍ أُهْدِيَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَرَامًا وَقَالَ عَبْدُ الرَّزَّاقِ أُهْدِيَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ نَعَمْ أُهْدِيَ لَهُ عُضْوٌ قَالَ ابْنُ بَكْرٍ رِجْلُ عُضْوٍ مِنْ لَحْمِ صَيْدٍ فَرَدَّهُ عَلَيْهِ وَقَالَ إِنَّا لَا نَأْكُلُهُ إِنَّا حُرُمٌ

हमें बताया है [अब्दुर्रज़ाक] ने हमें बताया है [इब्न जुरैज] -और एक और रिवायत में- [इब्न बक्र] ने कहा, हमें बताया है [इब्न जुरैज] उन्होंने कहा, मुझे बताया है [हसन बिन मुस्लिम] ने [थावस] से उन्होंने कहा; एक बार [ज़ैद बिन अर्कम] आए, तो इब्न अब्बास ने फिर से याद दिलाने के लिए कहा, "आपने मुझे उस मीट के बारे में क्या बताया - इब्न बक्र ने कहा - जो पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को दिया गया था जब वह एहराम में थे?" अब्दुर्रज़ाक ने कहा; "जो पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को दिया गया था?" ज़ैद ने कहा, "हाँ, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को शिकार का मीट -इब्न बक्र ने कहा- (मीट) तोहफ़े में दिया गया था, तो उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया और कहा: 'हम इसे नहीं खाते, असल में हम एहराम में हैं।'"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 3242, 15829, 16066, 16068, 16071, 16077, 16078, 16081, 16082, 16086, 16092, 18471, 18535
इमाम बुखारी : 1696, 2385
इमाम मुस्लिम : 2059, 2060, 2061, 2062
इमाम नसाई : 2769, 2770, 2772
इमाम मलिक : 691
इमाम दरिमी : 1758