Ada orang dari ummatku selalu menang hingga datang ketetapan allah
Imam Bukhari : 6906
حَدَّثَنَا الْحُمَيْدِيُّ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ حَدَّثَنَا ابْنُ جَابِرٍ حَدَّثَنِي عُمَيْرُ بْنُ هَانِئٍ أَنَّهُ سَمِعَ مُعَاوِيَةَ قَالَسَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا يَزَالُ مِنْ أُمَّتِي أُمَّةٌ قَائِمَةٌ بِأَمْرِ اللَّهِ مَا يَضُرُّهُمْ مَنْ كَذَّبَهُمْ وَلَا مَنْ خَالَفَهُمْ حَتَّى يَأْتِيَ أَمْرُ اللَّهِ وَهُمْ عَلَى ذَلِكَفَقَالَ مَالِكُ بْنُ يُخَامِرَ سَمِعْتُ مُعَاذًا يَقُولُ وَهُمْ بِالشَّأْمِ فَقَالَ مُعَاوِيَةُ هَذَا مَالِكٌ يَزْعُمُ أَنَّهُ سَمِعَ مُعَاذًا يَقُولُ وَهُمْ بِالشَّأْمِ
हमसे कहिस है [हुमैदी] हमसे कहिस है [अल वलिद बिन मुस्लिम] हमसे कहिस है [इब्नू जाबीर] हमसे कहिस है [उमैर बिन हानी'] उ [मुआविया] का कहत सुना है, 'एक बार हमने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना है: 'मेरे लोगन के बीच हमेशा एक अइसन लोग होइहैं जे अल्लाह के हुकुम का पालन करत हैं, जे झूठ नाहीं बोलत हैं, जवन लोग उनसे असहमत हैं जब तक कि अल्लाह के फैसला उनके पास न आ जाय। उइ अबहियों वहि अवस्था मा हैं'। [मलिक बिन युखामीर] कहिन, 'मैं [मुआद्ज] का कहत सुने रहेन, 'अऊर उ शाम मा हैं'। मुआविया ने भी कहा, 'मलिक ने सोचा कि उ मुआदज़ का कहते सुने हैं, 'अऊर उ सीरिया मा हैं'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 8128, 14193, 14595, 15043, 15044, 16246, 16276, 16305, 16323, 16324, 16351, 17433, 17462, 17493, 18487, 19007, 19073, 19468, 19943, 20028, 20079, 20106, 20137, 21286, 21369
Imam Bukhari : 69, 2884, 3368, 3369, 6767, 6768, 6905, 6906
Imam Muslim : 225, 3544, 3545, 3546, 3547, 3548, 3549, 3550, 3551
Imam Abu Dawud : 2125
Imam Tirmidzi : 2118, 2155
Imam Ibnu Majah : 6, 7, 10
Imam Darimi : 2325, 2326