Kalian tidak sampai satu bagian dari seratus ribu orang di telagaku
Imam Ahmad : 18504
حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ عَمْرُو بْنُ مُرَّةَ أَخْبَرَنِي قَالَ سَمِعْتُ أَبَا حَمْزَةَ أَنَّهُ سَمِعَ زَيْدَ بْنَ أَرْقَمَ قَالَ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَنَزَلْنَا مَنْزِلًا فَسَمِعْتُهُ يَقُولُ مَا أَنْتُمْ بِجُزْءٍ مِنْ مِائَةِ أَلْفِ جُزْءٍ مِمَّنْ يَرِدُ عَلَيَّ الْحَوْضَ مِنْ أُمَّتِي قَالَ كَمْ كُنْتُمْ يَوْمَئِذٍ قَالَ سَبْعَ مِائَةٍ أَوْ ثَمَانِ مِائَةٍ
हमसे कहिस है ['अफ्फान] हमसे कहिस है [स्यू'बाह] उ कहिस, [अमरू बिन मुर्राह] हमसे कहिस है, उ कहिस, हम [अबू हमजा] का सुनेन कि उ [जैद बिन अरकाम] का कहत सुने रहेन; हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ एक यात्रा पर रहे। फिर हम एक घर मा रुकेन। तब हमने उन्हें कहते सुना: 'तोहार संख्या अबहीं तक मोर लोगन के लाख भागन मा से एक भाग तक नाहीं पहुँची है, जे हौदल -तेलागा- मा प्रवेश करिहैं'। हम यजीद से भी पूछेन, 'अऊर आप सब मा से उ दिन केतना रहेन?' ऊ जवाब दिहिस, 'उ समय हमरे सब सात सौ या आठ सौ रहेन'।