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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Amal tergantung pada niatnya, dan setiap orang akan mendapatkan sesuai dengan apa yang diniatkannya

Imam Bukhari : 52

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ قَالَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ وَقَّاصٍ عَنْ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْأَعْمَالُ بِالنِّيَّةِ وَلِكُلِّ امْرِئٍ مَا نَوَى فَمَنْ كَانَتْ هِجْرَتُهُ إِلَى اللَّهِ وَرَسُولِهِ فَهِجْرَتُهُ إِلَى اللَّهِ وَرَسُولِهِ وَمَنْ كَانَتْ هِجْرَتُهُ لدُنْيَا يُصِيبُهَا أَوْ امْرَأَةٍ يَتَزَوَّجُهَا فَهِجْرَتُهُ إِلَى مَا هَاجَرَ إِلَيْهِ

हमसे [अब्दुल्लाह बिन मसलामा] ने कहा है, हमसे [मलिक] से [यह्या बिन सईद] से [मुहम्मद बिन इब्राहिम] से [अलकामह बिन वकाश] से [उमर] से कहा गया है, कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'सभी कर्म अक्सर इनाम पर निर्भर करत हैं, - - - इरादा रहा; जेकर इरादा अल्लाह अऊर ओनके रसूल के खातिर प्रवास करै का है, तौ ओकर प्रवास अल्लाह अऊर ओनके रसूल के पास होई। जे भी दुनिया के कारण प्रवास करै का इरादा रखत है, जेकरे पास उ पहुँचै चाहत है या एक औरत के कारण जेसे उ शादी करै चाहत है, तौ ओकर प्रवासन उहै है जवन उ करै का इरादा रखत है'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 163, 283
Imam Bukhari : 1, 52, 2344, 3609, 4682, 6195, 6439
Imam Muslim : 3530
Imam Abu Dawud : 1882
Imam Tirmidzi : 1571
Imam Nasa'i : 74, 3383, 3734
Imam Ibnu Majah : 4217