Membaca: LAA ILAHA ILLALLAHU WAHDAHU LAA SYARIIKALAH
Imam Ahmad : 17483
حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ أَخْبَرَنَا غَيْرُ وَاحِدٍ مِنْهُمْ مُغِيرَةُ عَنِ الشَّعْبِيِّ عَنْ وَرَّادٍ كَاتِبِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ أَنَّ مُعَاوِيَةَ كَتَبَ إِلَى الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ اكْتُبْ إِلَيَّ بِحَدِيثٍ سَمِعْتَهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَكَتَبَ إِلَيْهِ الْمُغِيرَةُ إِنِّي سَمِعْتُهُ يَقُولُ عِنْدَ انْصِرَافِهِ مِنْ الصَّلَاةِ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ وَكَانَ يَنْهَى عَنْ قِيلَ وَقَالَ وَكَثْرَةِ السُّؤَالِ وَإِضَاعَةِ الْمَالِ وَمَنْعٍ وَهَاتِ وَعُقُوقِ الْأُمَّهَاتِ وَوَأْدِ الْبَنَاتِ
हमसे कहिन है [हुसैम] ने हमसे कईयो लोगन का बतावा है, जेहिमा से [मुघिराह] [स्याबी] से [वार्राद] से अल मुघिराह बिन स्यूबाह के सचिव हैं, कि मुआवियाह ने [अल मुघिराह बिन स्यूबाह] का एक चिट्ठी लिखी है, 'मुझे एक हदीस लिखौ जेका तुम सल्लुल्लाह अलैह वल्लाह से सुने हौ। अल मुघिरा ने तब उनसे लिखा, 'नमाज के बाद हमने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का पढ़ते हुए सुना: 'ला इलाहा इल्लाह वहदाहू ला स्यारीका लाहु लाहुल मुलकु वा लाहुल हमदु, वा हुवा अला कुल उल्लाह क़ैरदु - कउनो भगवान के लायक नाहीं है एकै अल्लाह के अलावा पूजा करा, ओकरे पास कौनो साथी नाहीं है। राज्य अऊर सब स्तुति ओकरे पास है। अऊर उ सब चीजन पर शक्ति रखत है-' तीन बार। अऊर उ बिना स्पष्ट स्रोत के बात कहै, बहुत ज्यादा सवाल पूछै, धन बर्बाद करै, दूसरन के अधिकारन का रोके, महतारी के अवज्ञा करै अऊर बिटियन का मारय से भी मना किहिन।'