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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 17114

حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ سُلَيْمَانَ أَنَّ الْقَاسِمَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ حَدَّثَهُمْ عَنْ عَمْرِو بْنِ فُلَانٍ الْأَنْصَارِيِّ قَالَ بَيْنَا هُوَ يَمْشِي قَدْ أَسْبَلَ إِزَارَهُ إِذْ لَحِقَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَدْ أَخَذَ بِنَاصِيَةِ نَفْسِهِ وَهُوَ يَقُولُ اللَّهُمَّ عَبْدُكَ ابْنُ عَبْدِكَ ابْنُ أَمَتِكَ قَالَ عَمْرٌو فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي رَجُلٌ حَمْشُ السَّاقَيْنِ فَقَالَ يَا عَمْرُو إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ قَدْ أَحْسَنَ كُلَّ شَيْءٍ خَلَقَهُ يَا عَمْرُو وَضَرَبَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِأَرْبَعِ أَصَابِعَ مِنْ كَفِّهِ الْيُمْنَى تَحْتَ رُكْبَةِ عَمْرٍو فَقَالَ يَا عَمْرُو هَذَا مَوْضِعُ الْإِزَارِ ثُمَّ رَفَعَهَا ثُمَّ وَضَعَهَا تَحْتَ الثَّانِيَةِ فَقَالَ يَا عَمْرُو هَذَا مَوْضِعُ الْإِزَارِ

हमसे [अल वलिद बिन मुस्लिम] हमसे [अल वालिद बिन सुलेमान] बताइन है कि [अल कासिम बिन अब्दुर्रहमान] ने उनसे कहा है, [अमरू बिन फुलान अल अंसारी] से उ कहिन, 'कि जब अमरू अपने मुस्बिल कपड़ा मा चलत रहे - दुइनौ टखनन से आगे-, अचानक रसूलुल्लाह सल्लाह वल्लाह वल्लुल्लाम उनसे मिले, अऊर उनके लिए हेलोक कहिन: 'अल्लाहुम्मा अबदुका इब्नु अब्दिका इब्नु अमतिका -हे अल्लाह! तोहार सेवक, तोहार सेवक के बेटवा अऊर तोहार सेवक के बेटवा'। अमरू ने कहा, 'मैंने तब कहा, 'हे अल्लाह के रसूल, मैं छोटे बछड़ों वाला व्यक्ति हूँ'। त उ कहिन: 'हे अमरू, बेशक अल्लाह अज्जा वजल्ला ने सब चीजन के सृष्टि का सुधार दिहिस है। हे अमरू, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने दाहिने हाथ के चार अंगुली से अमरू के घुटने के पीछे ठोकते हुए कहा कि हे अमरू यहीं कपडा है'। तब उठाय कै दुसरी अँगुरी के तले रखि कै बोले- 'हे अमरू इहाँ कपड़ा है'।