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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 16048

قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو قَالَ حَدَّثَنَا زَائِدَةُ قَالَ حَدَّثَنَا الرُّكَيْنُ بْنُ الرَّبِيعِ بْنِ عُمَيْلَةَ عَنْ أَبِي عَمْرٍو الشَّيْبَانِيِّ عَنْ رَجُلٍ مِنْ الْأَنْصَارِ عَنْ النَّبِيِّ قَالَ الْخَيْلُ ثَلَاثَةٌ فَرَسٌ يَرْبِطُهُ الرَّجُلُ فِي سَبِيلِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ فَثَمَنُهُ أَجْرٌ وَرُكُوبُهُ أَجْرٌ وَعَارِيَتُهُ أَجْرٌ وَعَلَفُهُ أَجْرٌ وَفَرَسٌ يُغَالِقُ عَلَيْهِ الرَّجُلُ وَيُرَاهِنُ فَثَمَنُهُ وِزْرٌ وَعَلَفُهُ وِزْرٌ وَفَرَسٌ لِلْبِطْنَةِ فَعَسَى أَنْ يَكُونَ سَدَادًا مِنْ الْفَقْرِ إِنْ شَاءَ اللَّهُ تَعَالَى

-अहमद बिन हनबल रदलियाल्लाहुअनहु- कहिन; हमसे कहिस है [मुआविया बिन अम्र] कहिन; हमसे कहिस है [जैदा] कहिन; हमसे [अर रुकैन बिन अर रबी' बिन उमैलाह] से [अबू अमर असी स्याबानी] से [अंसार से केहू] पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन है: 'तीन घोड़ा हैं: एक घोड़ा जेका अल्लाह अज्जा व जल्ला के राह मा केहू बाँधत है तब ओका खरीदे के लागत इनाम देत है, जे एक व्यक्ति का इनाम देत है एकरा इनाम देत है अऊर ओका खिलावै एक इनाम है। अगर कउनौ घोड़ा का प्यादा करै वाले द्वारा जमानत के रूप मा गिरवी रख दीन जात है, तौ ओकर कीमत पाप होइ जात है अऊर ओका खिलावै भी पाप है। रोजी रोटी कमाए के लिए घोड़ा, अगर अल्लाह ताआला चाहत है तो गरीबन के जरूरतन का पूरा करै के लिए कुछ हो सकत है।