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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 15519

قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ أَبِي الْبَخْتَرِيِّ عَنْ عَبِيدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ رَجُلًا حَلَفَ بِاللَّهِ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ كَاذِبًا فَغَفَرَ اللَّهُ لَهُ قَالَ شُعْبَةُ مِنْ قَبْلِ التَّوْحِيدِ

(अहमद बिन हंबल) ने कहा; हमें बताया है [मुहम्मद बिन जाफ़र] ने कहा; हमें बताया है [स्यूबा] [अथो` बिन अस-सईब] से [अबू अल बुख़्तरी] से [अबिदाह] से [अब्दुल्ला बिन अज़ ज़ुबैर] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, एक आदमी था जिसने अल्लाह के नाम पर कसम खाई कि उसके सिवा कोई माबूद नहीं है लेकिन उसने अपनी कसम में झूठ बोला, तो अल्लाह उसके गुनाहों को माफ़ कर देगा, शुबा ने कहा; "यह एकेश्वरवाद का हिस्सा है।"