Imam Ahmad : 15437
حَدَّثَنَا أَبُو النَّضْرِ قَالَ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ الْحِمْصِيُّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ الْحِمْصِيِّ قَالَ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ رُؤْبَةَ التَّغْلِبِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ النَّصْرِيُّ عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الْأَسْقَعِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَرْأَةُ تَحُوزُ ثَلَاثَ مَوَارِيثَ عَتِيقَهَا وَلَقِيطَهَا وَوَلَدَهَا الَّذِي تُلَاعِنُ عَلَيْهِ
हमसे कहा गा है [अबू नदलर] कहिन; हमसे [बकिया बिन अल वालिद अल हिमशी] [अबू सलामा अल हिमशी] से कहिन है; हमसे कहिन है ['उमर बिन रु`बाह अत-तगलीबी] कहिन; हमसे [अब्दुल वाहिद बिन अब्दुल्ला अन नशरी] [वत्सिलाह बिन अल अशिका'] से कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'एक औरत तीन विरासत के हकदार है, उ व्यक्ति के विरासत जेका उ आजाद करत है -अर्थात एक वाला के साथ' अगर ओकरे पास कौनो वारिस नाहीं है-। उ व्यक्ति के विरासत जेका उ पावा रहा अऊर ओकरे बच्चा के विरासत जेका उ उ बच्चा के कारण लि'अन'।