Menolak menjadi imam shalat, karena tidak adanya ilmu
Imam Ahmad : 15049
حَدَّثَنَا أَبُو عُبَيْدَةَ يَعْنِي الْحَدَّادَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبَانُ قَالَ الْعَطَّارُ عَنْ بُدَيْلٍ عَنْ أَبِي عَطِيَّةَ عَنْ مَالِكِ بْنِ الْحُوَيْرِثِ قَالَ زَارَنَا فِي مَسْجِدِنَا قَالَ فَأُقِيمَتْ الصَّلَاةُ فَقَالُوا أُمَّنَا رَحِمَكَ اللَّهُ فَقَالَ لَا يُصَلِّي رَجُلٌ مِنْكُمْ قَالَ فَلَمَّا قَضَى الصَّلَاةَ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا زَارَ رَجُلٌ قَوْمًا فَلَا يَؤُمَّهُمْ يَؤُمُّهُمْ رَجُلٌ مِنْهُمْ
हमरा सब [अबू उबैदाह] अर्थात अल हद्दाद, कहलक अछि; हमरा सब के कहलक अछि [अबन] कहलनि जे अल अथोर [बुदैल] स [अबू अथिय्याह] स [मलिक बिन अल हुवरित्स] कहलनि; एक बेर मस्जिद मे रहला पर कियो हमरा सब लग आयल छल, आ फेर नमाज पढ़ल गेल। ओ सब कहलक 'हमरा सभक लेल पुजारी बनू अल्लाह अहाँ पर रहम करथि'। तखन ओ कहलनि; नै, जे पुरोहित बनत से अहाँ मे सँ एक हेबाक चाही। जखन ओ प्रार्थना समाप्त केलनि तखन ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम कहलनि: 'जँ कियो कोनो लोकक भेंट करैत अछि तखन ओकर इमाम नहि बनू, मुदा इमाम ओ छथि -जिनका दौरा कयल जाइत छनि-'।