Imam Ahmad : 14958
حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ خُثَيْمٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنِ السَّائِبِ بْنِ أَبِي السَّائِبِ أَنَّهُ كَانَ يُشَارِكُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَبْلَ الْإِسْلَامِ فِي التِّجَارَةِ فَلَمَّا كَانَ يَوْمُ الْفَتْحِ جَاءَهُ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَرْحَبًا بِأَخِي وَشَرِيكِي كَانَ لَا يُدَارِي وَلَا يُمَارِي يَا سَائِبُ قَدْ كُنْتَ تَعْمَلُ أَعْمَالًا فِي الْجَاهِلِيَّةِ لَا تُقْبَلُ مِنْكَ وَهِيَ الْيَوْمَ تُقْبَلُ مِنْكَ وَكَانَ ذَا سَلَفٍ وَصِلَةٍ
हमसे कहिन है ['अफ्फान] हमसे कहिन हैं [वुहैब] हमसे कहिन हैं [अब्दुल्ला बिन उथमान बिन खुतसैम] से [मुजाहिद] से [अस-सैब बिन अबू अस-सैब] से उ इस्लाम से पहिले एक बिक्री अऊर खरीद मा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के साथे खुद का गठबंधन किहिन। फथू मक्का के दौरान, उ उनके पास आवा। तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'स्वागत है मेरे भाई और मेरे सहयोगी। तुम कभी मदरोट नाहीं करत हौ अऊर बहस करब पसंद नाहीं करत हौ। हे साईब आपने जाहिलिया काल में ऐसे प्रथा किये हैं जो स्वीकार्य नहीं थे लेकिन आज स्वीकार्य हैं ई प्रथा पहिले भी होत रही, लेकिन कृपया अब एकरा संरक्षित करा।