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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 14947

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ أَبِي الْعَبَّاسِ قَالَ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ قَالَ حَدَّثَنِي عُثْمَانُ بْنُ زُفَرَ الْجُهَنِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو الْأَشَدِّ السُّلَمِيُّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ قَالَ كُنْتُ سَابِعَ سَبْعَةٍ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَأَمَرَنَا نَجْمَعُ لِكُلِّ رَجُلٍ مِنَّا دِرْهَمًا فَاشْتَرَيْنَا أُضْحِيَّةً بِسَبْعِ الدَّرَاهِمِ فَقُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ لَقَدْ أَغْلَيْنَا بِهَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ أَفْضَلَ الضَّحَايَا أَغْلَاهَا وَأَسْمَنُهَا وَأَمَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخَذَ رَجُلٌ بِرِجْلٍ وَرَجُلٌ بِرِجْلٍ وَرَجُلٌ بِيَدٍ وَرَجُلٌ بِيَدٍ وَرَجُلٌ بِقَرْنٍ وَرَجُلٌ بِقَرْنٍ وَذَبَحَهَا السَّابِعُ وَكَبَّرْنَا عَلَيْهَا جَمِيعًا

हमसे कहिन है [इब्राहिम बिन अबू अल अब्बास] कहिन; हमसे कहिस है [बकिया] कहिन; मोका बतावा है ['उथमान बिन जुफर अल जुहानी] कहिन; [अबू अल अस्याद अस-सुलामी] से [अपने पिता] से [अपने दादा] ने कहा है; मैं सात लोगन मा से एक रहेंव जे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ रहें। -अबू अल अस्याद रदलियाल्लाहुअन्हु- कहिन; फिर -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- हमसे कहिन कि हर मनई के लिए एक दिरहम इकट्ठा करा, फिर हम सात दिरहम से एक बलि का जानवर खरीदेन। हमने पूछा, हे अल्लाह के रसूल, सचमुच हम उनके साथ महंगा महसूस करत हैं। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'सबसे अच्छा बलि का जानवर सबसे महंगा और सबसे मोटा होता है'। फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक मनई से कहिन कि आपन गोड़ पकड़ौ, दूसर मनई से दूसर गोड़ पकड़ौ। दूसर मनई आपन दूसर गोड़ पकड़त है, दूसर मनई आपन दूसर गोड़ पकड़त है। एक सींग पकड़ै अऊर दूसर दूसर सींग पकड़ै। सातवाँ मनई ओका वध करै वाला रहा। हम सब प्रार्थना किहेन।