Nabi memulai sa’i dari bukit Shafa dan mengakhiri di Marwah
Imam Ahmad : 14637
قَالَ قَرَأْتُ عَلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ : مَالِكٌ ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ خَرَجَ مِنْ الْمَسْجِدِ وَهُوَ يُرِيدُ الصَّفَا وَهُوَ يَقُولُ نَبْدَأُ بِمَا بَدَأَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ بِهِ
-अहमद बिन हंबल रदलियाल्लाहुअन्हु- कहिन; हम [अब्दुर्रहमान] के सामने पढ़े हई: [मलिक] -अऊर एक अउर कथन के माध्यम से-- अऊर हमका बताइन है [इशाक] हमका [मलिक] [जाफर बिन मुहम्मद] से [अपने पिता] [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से कहिन है; हमने सुना है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जब उ मस्जिद से बाहर आए, उ शोफा जाय वाले रहे, उ कहिन: 'हमने ईका वइसने शुरू किहिन जइसे अल्लाह अज्जावाजल्ला शुरू किहिन'।