Setiap anak dilahirkan di atas fitrah
Imam Ahmad : 14277
حَدَّثَنَا هَاشِمٌ حَدَّثَنَا أَبُو جَعْفَرٍ عَنْ الرَّبِيعِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ مَوْلُودٍ يُولَدُ عَلَى الْفِطْرَةِ حَتَّى يُعْرِبَ عَنْهُ لِسَانُهُ فَإِذَا أَعْرَبَ عَنْهُ لِسَانُهُ إِمَّا شَاكِرًا وَإِمَّا كَفُورًا
हमरा सब के कहलक अछि [हसीम] हमरा सब के [अबू जाफर] के [अर-रोबी’ बिन अनस] स [अल हसन] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] स कहलक अछि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहुअलैहि वसल्लम कहलनि: 'हर बच्चा फितरह -इस्लाम- पर जन्म लैत अछि, जा धरि ओकर जीभ ओकरा व्यक्त नहि करत -ओकरा उजागर नहि करैत अछि-, जँ ओकर मुँह ओकरा व्यक्त क' लेने अछि त' ओ स्पष्ट रूप सँ कृतज्ञ व्यक्ति -मुस्लिम- बनि जायत वा ओ कुफर व्यक्ति सेहो बनि सकैत अछि'।