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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Setiap anak dilahirkan di atas fitrah

इमाम अहमद : 14277

حَدَّثَنَا هَاشِمٌ حَدَّثَنَا أَبُو جَعْفَرٍ عَنْ الرَّبِيعِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ مَوْلُودٍ يُولَدُ عَلَى الْفِطْرَةِ حَتَّى يُعْرِبَ عَنْهُ لِسَانُهُ فَإِذَا أَعْرَبَ عَنْهُ لِسَانُهُ إِمَّا شَاكِرًا وَإِمَّا كَفُورًا

हसीम ने हमें बताया है कि [अबू जाफ़र] ने हमें [अर-रबी बिन अनस] से [अल हसन] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से बताया है, जिन्होंने कहा; अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "हर बच्चा फ़ितरा (इस्लाम) पर पैदा होता है, जब तक कि उसकी ज़बान उसे ज़ाहिर न कर दे, अगर उसकी ज़बान ने उसे ज़ाहिर कर दिया, तो वह शुक्रगुज़ार इंसान (मुसलमान) बन जाएगा या वह काफ़िर भी बन सकता है।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 6884, 7133, 7387, 7463, 7832, 8206, 8739, 8949, 9851, 14277
इमाम बुखारी : 1270, 1271, 1296, 4402, 6110
इमाम मुस्लिम : 4803, 4804, 4805, 4806, 4807
इमाम अबू दाऊद : 4091
इमाम तिर्मिदज़ी : 2064
इमाम मलिक : 507