Imam Ahmad : 14266
حَدَّثَنَا أَبُو سَلَمَةَ أَنْبَأَنَا بَكْرُ بْنُ مُضَرَ عَنْ عَمْرِو بْنِ جَابِرٍ الْحَضْرَمِيِّ أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ فِي الطَّاعُونِ الْفَارُّ مِنْهُ كَالْفَارِّ يَوْمَ الزَّحْفِ وَمَنْ صَبَرَ فِيهِ كَانَ لَهُ أَجْرُ شَهِيدٍ
हमसे कहिन है [अबू सलामा] हमसे कहिन है [बकर बिन मुदलोर] से ['अमर बिन जाबीर अल हदलरोमी] वास्तव मा [जाबिर बिन अब्दुल्ला] का कहत सुने हैं; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का थौन -कुढ़- के समस्या के बारे मा कहत सुने हई, 'जो मनई ईसे भागत है उ युद्ध से भागै वाले मनई के समान है, अऊर जे ईसे धैर्य रखी ओका शहादत का इनाम मिली'।