इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 14260

حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ وَعَفَّانُ قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادٌ قَالَ عَفَّانُ فِي حَدِيثِهِ أَخْبَرَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ وَقَالَ عَبْدُ الصَّمَدِ فِي حَدِيثِهِ حَدَّثَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ رَأَيْتُ كَأَنِّي فِي دِرْعٍ حَصِينَةٍ وَرَأَيْتُ بَقَرًا مُنَحَّرَةً فَأَوَّلْتُ أَنَّ الدِّرْعَ الْحَصِينَةَ الْمَدِينَةُ وَأَنَّ الْبَقَرَ هُوَ وَاللَّهِ خَيْرٌ قَالَ فَقَالَ لِأَصْحَابِهِ لَوْ أَنَّا أَقَمْنَا بِالْمَدِينَةِ فَإِنْ دَخَلُوا عَلَيْنَا فِيهَا قَاتَلْنَاهُمْ فَقَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ وَاللَّهِ مَا دُخِلَ عَلَيْنَا فِيهَا فِي الْجَاهِلِيَّةِ فَكَيْفَ يُدْخَلُ عَلَيْنَا فِيهَا فِي الْإِسْلَامِ قَالَ عَفَّانُ فِي حَدِيثِهِ فَقَالَ شَأْنَكُمْ إِذًا قَالَ فَلَبِسَ لَأْمَتَهُ قَالَ فَقَالَتْ الْأَنْصَارُ رَدَدْنَا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأْيَهُ فَجَاءُوا فَقَالُوا يَا نَبِيَّ اللَّهِ شَأْنَكَ إِذًا فَقَالَ إِنَّهُ لَيْسَ لِنَبِيٍّ إِذَا لَبِسَ لَأْمَتَهُ أَنْ يَضَعَهَا حَتَّى يُقَاتِلَ

हमका [अब्दुशशमद] बताइस है अऊर ['अफ्फान] कहिन; हमका बताइस है [हम्मद] ['अफ्फान] कहिन; अपनी हदीस मा, हमका [अबू अज जुबैर] सूचित किहिन हैं अऊर [अब्दुशोमाद] कहिन; उनके हदीस मा, हमका [अबू अज जुबैर] [जाबीर बिन अब्दुल्ला] से बतावा गा रहा कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'मैंने सपना देखा मानो मैं मजबूत कवच पहिन रहा हो अऊर मैंने एक गाय का वध होत देखै का सपना भी देखा, मैं मजबूत कवच का मदीना के रूप मा व्याख्या किहिन, जबकि गाय का मतलब अल्लाह से अच्छा है'। -जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलियाल्लाहुअनहुमा- कहिन; तब -नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- ने अपने साथियन से कहा, 'अगर हम मदीना मा बस जात, अऊर उ लोग हमरे ऊपर हमला करत, त हम ओनसे लड़ित" उ कहिन; हे अल्लाह के रसूल, अल्लाह कसम हम पर जाहिलिया के समय मदीना शहर में हमला कभी नहीं हुआ, इस्लामी युग में हम पर हमला कैसे हो सकता था? ['अफ्फान] ने अपनी हदीस में कहा, फिर -पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम- ने कहा: 'तब ई आप पर निर्भर करत है'। -जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलियाल्लाहुअनहुमा- कहिन; फिर -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- आपन कवच पहिन लिहिन। -जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलियाल्लाहुअनहुमा- कहिन; अंशोर के लोग बोले 'हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के राय खारिज कर दी है', फिर आकर बोले; हे नबीयूल्लाह तब ई आप पर निर्भर करत है, तब -नबी सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम- ने कहा: 'नबी के लिए कवच पहनना अऊर फिर ओका फिर से उतारना जायज नाहीं है ताकि उ लड़े'।