Imam Ahmad : 14249
حَدَّثَنَا حُجَيْنٌ وَيُونُسُ قَالَا حَدَّثَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ أَنَّهُمْ كَانُوا إِذَا حَضَرُوا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْمَدِينَةِ فَبَعَثَ بِالْهَدْيِ فَمَنْ شَاءَ مِنَّا أَحْرَمَ وَمَنْ شَاءَ تَرَكَ
हमसे [हुजैन] अऊर [यूनुस] कहिन; हमका [अबू अज़ जुबैर] से [जाबिर] से [अल लैट्स बिन सद] से कहिन है, अगर रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के साथ साथी नकद मा मदीना पहुँचे - रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम बलि के जानवर लइ आए - तौ कुछ लोग इहराम मा प्रवेश करिहैं अऊर कुछ नाहीं।