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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 14232

حَدَّثَنَا مُوسَى وَحَسَنُ بْنُ مُوسَى قَالَا حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ قَالَ سَأَلْتُ جَابِرًا عَنْ النَّحْرِ فَقَالَ جَابِرٌ صَلَّى بِنَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ النَّحْرِ بِالْمَدِينَةِ فَتَقَدَّمَ رِجَالٌ فَنَحَرُوا وَظَنُّوا أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ نَحَرَ فَأَمَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ كَانَ نَحَرَ أَنْ يُعِيدَ نَحْرًا آخَرَ وَلَا يَنْحَرُوا حَتَّى يَنْحَرَ

हमसे [मूसा] अऊर [हसन बिन मूसा] कहिन; हमका [इब्न लाहिअह] से [अबू अज़ जुबैर] कहिन; हम [जाबिर] से वध के बारे मा पूछेन। तब जाबिर ने कहा; मदीना मा नहर के दिन पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरे साथ नमाज पढ़िन फिर कइयौ लोग आके वध कराइन अउर सोचिन कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम वध करत हैं। फिर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा कि जे वध किहिन है उ फिर से दूसर वध के साथ दोहरावै अऊर जब तक उ वध न करि तब तक वध न करै।