Bila seseorang tertarik kepada wanita yang dilihatnya, hendaklah ia mendatangi istrinya karena itu menolak apa yang ada dalam jiwanya
Imam Ahmad : 14217
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ دَاوُدَ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ قَالَ أَخْبَرَنِي جَابِرٌ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا أَحَدُكُمْ أَعْجَبَتْهُ الْمَرْأَةُ فَوَقَعَتْ فِي نَفْسِهِ فَلْيَعْمِدْ إِلَى امْرَأَتِهِ فَلْيُوَاقِعْهَا فَإِنَّ ذَلِكَ يَرُدُّ مِنْ نَفْسِهِ
हमसे कहिन है [मूसा बिन दाउद] हमसे कहिन है [इब्न लाहिअह] से [अबू अज जुबैर] कहिन; मोका सूचित किहिन है [जाबिर] कहिन; हम पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने हई: 'अगर तुममें से कोई एक औरत के प्रशंसा करत है अऊर ओका अपने में रुचि पैदा करत है, तौ ओकरे पत्नी के पास जा अऊर ओकरे साथ संगति करौ काहे से कि ईसे ओकर वासना के उथल-पुथल कम होइ सकत है'।