Imam Ahmad : 14212
حَدَّثَنَا مُوسَى وَحَسَنٌ قَالَا حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ قَالَ حَسَنٌ فِي حَدِيثِهِ حَدَّثَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ وَقَالَ ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ أَنَّهُ سَأَلَ جَابِرًا عَنْ مِيثَرَةٍ قَالَ الْأُرْجُوَانِ فَقَالَ جَابِرٌ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا أَرْكَبُهَا وَلَا أَلْبَسُ قَمِيصًا مَكْفُوفًا بِحَرِيرٍ وَلَا أَلْبَسُ الْقَسِّيَّ
हमका [मूसा] बताइस है अऊर [हसन] हमका [इब्न लहिआह] बताइस है। [हसन] कहिन; अपनी हदीस मा, हमसे [अबू अज़ जुबैर] अऊर [इब्न लाहिआह] कहिन हैं; [अबू अज जुबैर] से वास्तव मा उ [जाबिर] से मित्सारोह के बारे मा पूछे रहे - रेशम से बनी घोड़ा के काठी- या कहिन; 'उर्जुवान - बहुत लाल रंग - तब जाबिर बोले ; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मैं न तो यहिके सवारी करब अऊर न ही रेशम से ढकी कमीज पहिरब, न ही मैं अल क़ोसीयी -रेशम से सजाए गए कपड़ा- पहिरब।