Imam Ahmad : 14208
حَدَّثَنَا مُوسَى حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ سَيَخْرُجُ أَهْلُ مَكَّةَ مِنْهَا ثُمَّ لَا يَعْمُرُوهَا أَوْ لَا تُعْمَرُ إِلَّا قَلِيلًا ثُمَّ تُعْمَرُ وَتَمْتَلِئُ وَتُبْنَى ثُمَّ يَخْرُجُونَ مِنْهَا فَلَا يَعُودُونَ إِلَيْهَا أَبَدًا
हमसे कहिस है [मूसा] हमसे [इब्न लहीअह] से [अबू अज़ जुबैर] से [जाबिर] बताइस है। निस्चय ही उ हमका सूचित किहिस है वास्तव मा ['उमर बिन अल खत्थब] ने ओका सूचित किहिन है, उ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुने हैं: 'मक्का के निवासी समृद्ध होइहैं, तब कौनो समृद्ध होइहैं, या केवल एकौ समृद्ध नाहीं होइहैं कुछ, फिर -मक्का- समृद्ध, लोगन द्वारा भरा अऊर बनावा गा फिर उ भाग गए अऊर उ हमेशा के लिए वापस नाहीं आए'।