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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 14206

حَدَّثَنَا مُوسَى حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمَّا فُتِحَتْ حُنَيْنٌ بَعَثَ سَرَايَا فَأَتَوْا بِالْإِبِلِ وَالشَّاءِ فَقَسَمَهَا فِي قُرَيْشٍ قَالَ فَوَجَدْنَا أَيُّهَا الْأَنْصَارُ عَلَيْهِ فَبَلَغَهُ ذَلِكَ فَجَمَعَنَا فَخَطَبَنَا فَقَالَ أَلَا تَرْضَوْنَ أَنَّكُمْ أُعْطِيتُمْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَوَاللَّهِ لَوْ سَلَكَتْ النَّاسُ وَادِيًا وَسَلَكْتُمْ شِعْبًا لَاتَّبَعْتُ شِعْبَكُمْ قَالُوا رَضِينَا يَا رَسُولَ اللَّهِ

हमसे कहिस है [मूसा] हमसे कहिस है [इब्न लाहीअह] से [अबू अज़ जुबैर] से [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] बेशक रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब हुनैन जीत लिहिस रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने सैनिकन के सेना भेजी, उ ऊँट अऊर सल्लल्लाहु के एक समूह के साथ आए - तब रसूलुल्लाह अलैहि वसल्लम- कुरैश लोगन का बांटिन। -जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलियाल्लाहुअनहुमा- कहिन; हमका का मिलत है अंशोर के लोग? ई बात -रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- के पास आई, फिर उ हमका इकट्ठा किहिन अऊर हमका प्रचार किहिन अऊर फिर कहिन: का तुमका रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम -रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- के साथे घरे जाय का दीन जाय तौ का तुमका खुशी नाइ होई?। अल्लाह के कसम अगर लोग घाटी से गुजरत हैं अऊर तुम पहाड़ी पर जात हौ, तौ मैं तोहार पहाड़ी के पीछे चलब। उन्होंने कहा: 'हम प्रसन्न हैं, हे अल्लाह के रसूल!'