Imam Ahmad : 14205
حَدَّثَنَا مُوسَى حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ أَنَّ جَابِرًا أخْبَرَهُ أَنَّهُمْ غَزَوْا غَزْوَةً بَيْنَ مَكَّةَ وَالْمَدِينَةِ فَهَاجَتْ عَلَيْهِمْ رِيحٌ شَدِيدَةٌ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّهَا لِمَوْتِ مُنَافِقٍ فَرَجَعْنَا إِلَى الْمَدِينَةِ فَوَجَدْنَا مُنَافِقًا عَظِيمَ النِّفَاقِ قَدْ مَاتَ
हमका बतावा गा है [मूसा] हमका [इब्नू लाहिअह] [अबू अज़ जुबैर] से बताइस है। सचमुच [जाबिर] हमसे कहिन है कि वास्तव मा उइ मक्का अऊर मदीना के बीच युद्ध लड़िन अऊर एक बहुत तेज हवा चली अऊर पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'वास्तव मा ई एक मुफीना के मौत के कारण रहा'। फिर तुम मदीना लौट आए, अऊर हमने पावा कि एक मुनाफीक सीनियर मर चुका रहा।