Imam Ahmad : 14198
حَدَّثَنَا مُوسَى حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا يَمْرَضُ مُؤْمِنٌ وَلَا مُؤْمِنَةٌ وَلَا مُسْلِمٌ وَلَا مُسْلِمَةٌ إِلَّا حَطَّ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ عَنْهُ بِهَا خَطَايَاهُ
हमसे कहा गा है [मूसा] ने हमसे [इब्न लाहिअह] से [अबू अज़ जुबैर] से [जाबिर] से कहा है कि उ वास्तव में पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने हैं: 'कोई भी मुसलमान, नर या मादा, अऊर मुसलमान या मुसलमान बीमार नाहीं है लेकिन अल्लाह अज्जावजल्ला ओकरे साथ ओकर गलती दूर कर देई'।