Setiap kebaikan adalah shadaqah
Imam Ahmad : 14182
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا الْمُنْكَدِرُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ مَعْرُوفٍ صَدَقَةٌ وَمِنْ الْمَعْرُوفِ أَنْ تَلْقَى أَخَاكَ بِوَجْهٍ طَلْقٍ وَأَنْ تُفْرِغَ مِنْ دَلْوِكَ فِي إِنَائِهِ
हमसे कहिन है [इशाक बिन ईसा] हमसे [अल मुनकादिर बिन मुहम्मद बिन अल मुनकादिर] [अपने पिता] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हर अच्छी बात दान है, अऊर अच्छी बातन मा से एक ई है कि आप अपने भाई से हंसमुख चेहरा के साथ मिलत हैं, अऊर आप अपने बाल्टी से पानी ओकरे बर्तन - बेसिन मा डालत हैं'।