Larangan menyiksa dengan api karena merupakan hak khusus Allah SWT, serta ralat Nabi SAW terhadap perintah eksekusi dua musuh
Imam Bukhari : 6411
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ مُحَمَّدُ بْنُ الْفَضْلِ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ عِكْرِمَةَ قَالَأُتِيَ عَلِيٌّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ بِزَنَادِقَةٍ فَأَحْرَقَهُمْ فَبَلَغَ ذَلِكَ ابْنَ عَبَّاسٍ فَقَالَ لَوْ كُنْتُ أَنَا لَمْ أُحْرِقْهُمْ لِنَهْيِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تُعَذِّبُوا بِعَذَابِ اللَّهِ وَلَقَتَلْتُهُمْ لِقَوْلِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ بَدَّلَ دِينَهُ فَاقْتُلُوهُ
हमसे कहिन है [अबू नूमान मुहम्मद बिन फधल] हमसे कहिन हैं [हम्मद बिन जैद] से [अय्यूब] से [इकरीमा] कहिन, कई जिन्दिक लोगन का गिरफ्तार कइके अली रदलियाल्लाहु अन्हू के सामने पेश कीन गा रहा, फिर अली ओनका जला दिहिस। [इब्नू अब्बास] ई मामला सुनिन, तौ उ कहिन; 'अगर ई हम होतिन तौ हम ओनका न जलावत काहे से कि ई पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम द्वारा मना कीन गा है जे कहिन: 'अल्लाह के यातना से ओनका मत सतावा,' अऊर हम फिर भी पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के वचन के अनुसार ओनका मार देब: 'जे आपन धर्म बदलत है, ओका मार डारौ!'