Imam Ahmad : 13615
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ قَيْسٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَطَاءٍ أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَيْ جَابِرٍ يُحَدِّثَانِ عَنْ أَبِيهِمَا قَالَ بَيْنَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَالِسٌ مَعَ أَصْحَابِهِ شَقَّ قَمِيصَهُ حَتَّى خَرَجَ مِنْهُ فَقِيلَ لَهُ فَقَالَ وَاعَدْتُهُمْ يُقَلِّدُونَ هَدْيًا الْيَوْمَ فَنَسِيتُ
हमसे कहिस है [अब्दुर्राजाक] हमसे [दाउद बिन क्विस] [अब्दुर्रहमान बिन 'अथो'] से कहिस है, उ [जाबिर के दुइनौ बेटवन] का [अपने पिता] से बतावत सुने है, कहत है; जब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने साथियन के साथ बैठे रहे तो अचानक उन्होंने अपने कपड़े फाड़ दिए, तो उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा: 'मैंने उनसे वादा किया था कि आज यज्ञ बलि का वध कर देंगे, लेकिन मैं भूल गए'।