Imam Ahmad : 13248
حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ يَعْنِي ابْنَ عُيَيْنَةَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ جُدْعَانَ عَنْ أَنَسٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ صَوْتُ أَبِي طَلْحَةَ فِي الْجَيْشِ خَيْرٌ مِنْ فِئَةٍ قَالَ وَكَانَ يَجْثُو بَيْنَ يَدَيْهِ فِي الْحَرْبِ ثُمَّ يَنْثُرُ كِنَانَتَهُ وَيَقُولُ وَجْهِي لِوَجْهِكَ الْوِقَاءُ وَنَفْسِي لِنَفْسِكَ الْفِدَاءُ
हमसे [हुसैन बिन मुहम्मद] बतावा गा है [सुफ्यान] से इब्न उयैना ['अली बिन जूद'न] से [अनस] अल्लाह के रसूल कहिन: 'उ सेना मा अबू तल्हा के आवाज सेना से बेहतर है'। -अनस बिन मलिक रदलियाल्लाहुअनहु- कहिन; अबू तल्हा युद्ध के समय -रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- के सामने घुटने टेक के बैठ जात रहे अऊर फिर आपन तीर फैला के कहत रहे; 'मोर चेहरा तोहरे चेहरा के लिए ढाल है, अऊर मोर आत्मा तोहरे आत्मा के लिए ढाल है'।